केतु ग्रह ठीक करने का उपाय
“ॐ कें केतवे नमः” — 108 बार प्रतिदिन जाप करे, विशेषकर मंगलवार या शनिवार को।
बुधवार या मंगलवार को भगवान गणेश की पूजा करें, प्रतिदिन भगवान गणेश को दूर्वा (घास) अर्पित करें और "ॐ गं गणपतये नमः" का जाप करें।
गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें ।
मंगलवार या शनिवार को कंबल, तिल, उड़द दाल या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन दान कर सकते हैं।
सात प्रकार के अनाज (सप्तधान्य) या लोहे के बर्तन किसी जरूरतमंद को दान करें।
कुष्ठ रोगियों या दिव्यांगजनों की सेवा करें और उन्हें भोजन या धन का दान करें।
अपने परिवार के बुजुर्गों, विशेषकर दादाजी और नानाजी की सेवा करें और उनका आशीर्वाद ले।
अपने पैरों और नाखूनों को हमेशा साफ रखें। फटे पुराने या गंदे कपड़े पहनने से बचें।
प्रतिदिन सुबह पक्षियों, गिलहरि को बाजरा या सात अनाज खिलाएं।
किसी ज्योतिषी से सलाह लेकर लहसुनिया रत्न भी धारण कर सकते हैं
प्रसिद्ध मंदिरों में पवित्र विधियों और समर्पित भक्ति से पूजा कर जीवन में आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त करें।
शुद्ध परंपरा और समयबद्धता के साथ सटीक अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडितों की सेवा लें।
पूजा वह पावन साधना है जो मन को शांति, हृदय को उजाला और जीवन को दिव्यता से भर देती है — यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है।राप्ति होती है।