ॐ रां राहवे नमः" या "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" का 108 बार जाप करें।
सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल और बेलपत्र चढ़ाये, भगवान शिव की पूजा करे।
शनिवार के दिन काले तिल, काले वस्त्र, सरसों का तेल या कंबल जरूरतमंदों को दान करें।
अपने ऊपर से नारियल या काला तिल घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
प्रतिदिन या शनिवार को आवारा कुत्तों को रोटी या ब्रेड खिलाएं,
लोगों को चाय पिलाए या चाय पत्ती का दान करें।
बिस्तर पर बैठकर कभी भोजन नही करें चांदी की कोई वस्तु धारण कर ले।
प्रसिद्ध मंदिरों में पवित्र विधियों और समर्पित भक्ति से पूजा कर जीवन में आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त करें।
शुद्ध परंपरा और समयबद्धता के साथ सटीक अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडितों की सेवा लें।
पूजा वह पावन साधना है जो मन को शांति, हृदय को उजाला और जीवन को दिव्यता से भर देती है — यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है।राप्ति होती है।