सूर्य को अर्ध्य दें :- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। तांबे के लोटे में साफ जल भरकर उसमें थोड़ा सा कुमकुम, लाल फूल और अक्षर डालकर सूर्य देव को जल अर्पित करें।
मंत्र का जाप करें :- जल चढ़ामंत्रते समय ॐ सूर्याय नमः या ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें ।।
माणिक्य रत्न धारण कर सकते हैं। इस रत्न को सूर्य से संबंधित माना जाता है।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ :- प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से सूर्य बलवान होता है।
रविवार का व्रत और दान :- रविवार को व्रत रखें, नियमित रूप से सूर्य की पूजाकरें ।
अपने पिता एवं बड़े बुजुर्गों का आदर करें तथा उनका आशीर्वाद लें।
तांबे की वस्तु, लाल वस्त्र और गुड़ का दान कर सकते है।।
रविवार के दिन गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं। ।
प्रसिद्ध मंदिरों में पवित्र विधियों और समर्पित भक्ति से पूजा कर जीवन में आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त करें।
शुद्ध परंपरा और समयबद्धता के साथ सटीक अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडितों की सेवा लें।
पूजा वह पावन साधना है जो मन को शांति, हृदय को उजाला और जीवन को दिव्यता से भर देती है — यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है।राप्ति होती है।